बेटा तुम आगे बढ़ना

बेटा तुम आगे बढ़ना ,

बुरा कभी किसी का करना ,

प्यार सभी से तुम करना।

बेटा तुम आगे बढ़ना

तुम दौड़ना, तुम गिरना ,

तुम गिरकर फिरसे उठना ,

कोशिशें होती हैं कामयाब , कोशिश तुम करते रहना।

बेटा तुम आगे बढ़ना

हार और जीत जीवन के सिक्के के दो पहलू हैं। इनमें से एक मिलेगी, इनसे है क्या डरना।

बेटा तुम आगे बढ़ना

जीवन में आएंगी मुश्किलें तुम डटकर सामना करना।

हो जाओ कभी जो विफल तो, तुम फिरसे कोशिश करना।

बेटा तुम आगे बढ़ना

तुम यूहीं आगे बढ़ते रहना ,

तुम यूहीं प्रगति करते रहना ,

आगे बढ़ने की दौड़ में कभी अपनों को ना भूलना ,

बेटा तुम आगे बढ़ना

बेटा तुम आगे बढ़ना ………

अभिनव मिश्रा

#Poetry #poeticexpression #poetic #Poetrywriting #poet #poem #hindipoetry #urdupoetry #poemsporn